निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी।

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शैक्षणिक सत्र : 2026-27 परास्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची -

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विवरणिका (सत्र : 2026-27)



हिंदी विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय मिलकर तैयार करेंगे भविष्य की शिक्षा का मॉडल



परिसर विकास से सम्‍बंधित समस्‍त कार्यों यथा निर्माण, मरम्‍मत-अनुरक्षण, AMC+ARC आदि के कार्यादेश (Work Order) एवं स्‍वीकृति आदेश (Sanction Order) निर्गत करने के संबंध में।

डॉ. देवेंद्र कुमार, सहायक प्रोफेसर और डॉ. दत्तूराम देवुने, सहायक प्रोफेसर को सहायक कुलानुशासक नामित किये जाने के संबंध में।



पी-एच.डी. स्‍त्री अध्‍ययन सत्र 2020-21 की शोधार्थी सुश्री खुशबू सिंह की खुली मौखिकी के संबंध में।



विवरणिका (सत्र : 2026-27)



हिंदी विश्‍वविद्यालय में 'निधि आपके निकट संगोष्‍ठी' का हुआ आयोजन



परामर्शदाता (स्त्री रोग विशेषज्ञ) की अस्थायी नियुक्ति हेतु साक्षात्कार के संबंध में।



प्रवेश सूचना : परास्नातक कार्यक्रम Non-CUET, PG- 2026 के माध्‍यम से आवेदन प्रारंभ किए जाने के संबंध में।

प्रवेश सूचना (Non-CUET, PG- 2026) में पंजीयन हेतु यहाँ क्लिक करें।


शैक्षणिक सत्र : 2026-27 परास्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची -


अकादमिक कैलेंडर (सत्र : 2026-27)

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विवरणिका (सत्र : 2026-27)



शैक्षणिक सत्र : 2026-27 प्रवेश दिशा निर्देश के संबंध में।



शोधार्थी श्री गौरव चौहान को पी-एच.डी उपाधि दिए जाने के संबंध में।



कबीर की दृष्टि में समग्रता के साथ समन्‍वय है : प्रो. पूरनचंद टंडन



पी-एच.डी. शोधार्थी सुश्री सोनम एवं श्री अभिषेक द्विवेदी की (सत्र : 2021-22) पूर्व-प्रस्तुति के संबंध में।



शोध परियोजना संबंधित जानकारी समर्थ पोर्टल पर अपलोड करने के संबंध में।



शैक्षणिक सत्र : 2026-27 के परास्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में।



अधिसत्र परीक्षा (जून, 2026) संशोधित परीक्षा कार्यक्रम :

प्रवेश पत्र के संबंध में सूचना।

प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें!



अकादमिक सत्र : 2026-27 हेतु समेकित समय सारिणी उपलब्ध कराने के संबंध में।



स्त्री अध्ययन विभाग (सत्र : 2020-21) के शोधार्थियों की DRMC की बैठक के संबंध में।



जनसंचार विभाग के अध्‍यक्ष की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना।

छात्रावास अधीक्षक नियुक्ति संबंधी आदेश।



शोधार्थी सुश्री अंजू की पी-एच.डी. (सत्र : 2021-22) पूर्व-प्रस्तुति के संबंध में।



प्रवेश सूचना : परास्नातक कार्यक्रम Non-CUET, PG- 2026 के माध्‍यम से आवेदन प्रारंभ किए जाने के संबंध में।

प्रवेश सूचना (Non-CUET, PG- 2026) में पंजीयन हेतु यहाँ क्लिक करें।



हिंदी विश्वविद्यालय में मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस



राजनीति विज्ञान में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (सत्र : 2024-28) तृतीय सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)



हिंदी विश्वविद्यालय में हुआ रक्तदान शिविर



Dr. D.C. Pavate Memorial Fellowship in Cambridge, 2027-28

Apply Online For Dr. D.C. Pavate Memorial Fellowship



राष्‍ट्रीय शिक्षक पुरस्‍कार 2026 हेतु नामांकन /सिफारिशें भेजने के संबंध में परिपत्र।।



Participation in the 7th Nadi Utsav at IGNCA


अधिसत्र परीक्षा (जून, 2026) संशोधित परीक्षा कार्यक्रम :


प्रवेश पत्र के संबंध में सूचना।

प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें!



अधिसत्र परीक्षा (मई, 2026) दिनांक 23 जून, 2026 से 11 जुलाई, 2026 तक आयोजित किए जाने के संबंध में अधिसूचना।



विश्‍वविद्यालय में वर्ष 2026 हेतु राजपत्रित एवं वैकल्पिक अवकाश।


हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र

निदेशक का संदेश

विश्वविद्यालय में हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र की स्थापना हिंदी को अधिकाधिक उपयोगी एवं प्रासंगिक बनाने और उसके संवर्धन व विकास हेतु विविध आयामी कार्यक्रमों तथा उपक्रमों को संचालित करने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय भाषा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी की भूमिका को प्रकाशित करने एवं प्रवासी भारतीयों के बीच अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में हिंदी को विकसित करना भी है। संसार के प्रत्येक भू-भाग में रहने वाले भारतवंशी अपनी साझी विरासत की भाषा के रूप में हिंदी के महत्व को स्वीकार करते हुए उसे उपयुक्त एवं प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प हो सकें, केंद्र इस दिशा में भी सार्थक प्रयास हेतु संकल्पबद्ध है।

भारत के लिए हिंदी मात्र एक भाषा न होकर उसकी अस्मिता की पहचान है, जड़ों से जुड़ने की सार्थक कोशिश है। हिंदी भाषा के प्रति देश में अनन्य आकर्षण है। विविध-आयामी संस्थाओं, विद्यालयों, परिषदों, आयोगों, संघों, धार्मिक प्रतिष्ठानों, न्यायालयों, अस्पतालों आदि में हिंदी के नियमित प्रयोग को प्रोत्साहन देना हमारा अभीष्ट है। संपूर्ण देश में हिंदी सिनेमा, गीतों-गजलों व भजनों आदि का हिंदी में प्रयोग-उपयोग इसका प्रमाण है।

हिंदी के प्रचार-प्रसार, विकास व सम्मान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिंदी सेवियों की एक लंबी सूची है, जो संपूर्ण विश्व में हिंदी को समृद्ध करने में लगे हैं। हिंदी को विश्व भाषा बनाने में उन प्रवासी भारतीयों का प्रमुख योगदान है, जो व्यापार अथवा मजदूरी के लिए दूसरे देशों में गये लेकिन जिन्होंने वहाँ अपनी संस्कृति और भाषा को कभी विस्मृत नहीं होने दिया। इसके अतिरिक्त बहुत सारे विदेशी विद्वानों ने भी हिंदी के संवर्धन एवं विकास में अपना बहुमूल्य योग दिया है। अत: इन सभी तथ्यों के आलोक में कार्यक्रमों की योजना बनाना और तदनुसार उसे क्रियान्वित करना केंद्र का लक्ष्य है, जिसे प्राप्त करने हेतु यह निरंतर अग्रसर है।

केंद्र का उद्देश्य

हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र (TLCHS) के उद्देश्‍य निम्‍नलिखित कार्यक्रमों/ योजनाओं का क्रियान्‍वयन करना है-

  • हिंदी शिक्षण के पाठ्यक्रम/ पाठ्यचर्या संरचना/ रूपरेखा के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु पाठ्यक्रम संरचना में प्रतिमानात्‍मक बदलाव के आलोक में मूल्‍यांकन पद्धति के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण में पाठ्यक्रम ढाँचे/ संरचना के विकास के अनुरूप वैकल्पिक शिक्षा वैज्ञानिक अंत:क्षेपों (Pedagogic interventions) को स्‍पष्‍ट करने संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु शिक्षण-अधिगम सामग्री के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के लिए पाठ्य पुस्‍तक/ पुस्तिका के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • क्षेत्रीय/ प्रादेशिक भाषाओं में/ से मूलपाठ के अनुवाद हेतु कार्यक्रम।
  • हिंदी तथा भाषा वैज्ञानिक शिक्षण से संबंधित शोध के प्रोत्‍साहन हेतु संसाधनों, संदर्भ सेवा, इलेक्‍ट्रानिक डाटाबेस के भण्‍डारण तथा ई-सामग्री के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के प्रोत्‍साहन हेतु अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर विश्‍वविद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्‍च शिक्षा केंद्रों का संजाल/ समूह विकसित करने संबंधी बहुआयामी कार्यक्रम।
  • हिंदी में पाठ्य पुस्‍तकों के विकास एवं निर्माण संबंधी कार्यक्रम।
  • सृजनात्‍मक लेखन के लिए पाठ्यक्रम निर्माण व विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी एवं कला, हिंदी एवं हिंदी साहित्‍य, हिंदी एवं भारतीय संस्‍कृति के साथ ही अन्‍य विषयों पर शोध संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी में संदर्भ कोश/ पारिभाषिक कोश/ प्रासंगिक कोश के विकास हेतु कार्यक्रम।