निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी।

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वर्ष 2026-27 हेतु आकस्मिक राशि के संबंध में परिपत्र

आकस्मिक राशि के समायोजन हेतु प्रारूप



वर्ष 2026-27 के लिए आकस्मिक और विविध प्रयोजनों के लिए अग्रिम हेतु दिशानिर्देश के संबंध में परिपत्र।



शोधार्थी श्री ध्रुव कुमार को पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने के संबंध में।



पी-एच.डी. शोधार्थी श्री पंकज कलाने की शोध-पूर्व प्रस्तुति के संबंध में सूचना।


JSTOR ई-जर्नल महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के नेटवर्क द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपलब्ध है।

हिंदी साहित्‍य में स्‍नातक (चार वर्षीय कार्यक्रम) सत्र 2025-29 प्रथम सेमेस्‍टर संशोधित पुनर्मूल्‍यांकित परीक्षा परिणाम



सत्र: 2026-27 (CUET-PG/UG) नोडल अधिकारी नियुक्ति के संबंध में कार्यालयादेश।



बी.ए.एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्‍टर (सत्र: 2023-28) पुनर्मूल्‍यांकित परीक्षा परिणाम।

बी.ए.एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्‍टर (सत्र: 2025-30) पुनर्मूल्‍यांकित परीक्षा परिणाम।



किसी भी प्रकार के लाभ के भुगतान अथवा आदेश केवल यूजीसी एवं / अथवा शिक्षा मंत्रालय से पूर्व स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात ही जारी करने के संबंध में कार्यालयादेश।



पी-एच.डी. शोधार्थी श्री अंकित सिंह की पूर्व प्रस्तुति के संबंध में सूचना।



एम.एड. (सत्र 2024-26) एवं एकीकृत बी.एड.-एम.एड. (सत्र: 2023-26) के विद्यार्थियों के लघु शोध प्रबंध जमा करने संबंधी सूचना।



पानी टैंकर हेतु निविदा।



तीन वर्षीय बी.एड.-एम.एड. एकीकृत कार्यक्रम एम.ए. शिक्षाशास्‍त्र के समतुल्‍य संबंध में अधिसूचना



अनुवाद पी.जी.डिप्‍लोमा सत्र 2024-25 प्रथम एवंम द्वितीय सेमेस्‍टर परीक्षा परिणाम हेतु लिंक



बी.एड.-एम.एड. एकीकृत (सत्र : 2023-26) पंचम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)

बी.ए.-बी.एड. (आई.टी.ई.पी.) (सत्र : 2023-27) पंचम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)

बी.ए.एलएलबी (सत्र : 2024-29) तृतीय सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)



केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने खेलों में लहराया परचम।



महाराष्ट्र राज्य के स्थापना दिवस पर हिंदी विश्वविद्यालय में कुलपति ने किया ध्वजारोहण



राजनीति विज्ञान में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (सत्र : 2023-27) पंचम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)



ग्रीष्‍मावकाश संबंधी परिपत्र।



एम.ए. हिंदी साहित्य (सत्र : 2024-26) तृतीय सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)

हिंदी साहित्य में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (सत्र : 2025-29) प्रथम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकित)



ग्रीष्‍मावकाश दिनांक 06 मई, 2026 से 18 जून, 2026 तक घोषित किए जाने के संबंध में।



अधिसत्र परीक्षा (मई, 2026) दिनांक 23 जून, 2026 से 11 जुलाई, 2026 तक आयोजित किए जाने के संबंध में अधिसूचना।



विश्‍वविद्यालय में वर्ष 2026 हेतु राजपत्रित एवं वैकल्पिक अवकाश।


हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र

निदेशक का संदेश

विश्वविद्यालय में हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र की स्थापना हिंदी को अधिकाधिक उपयोगी एवं प्रासंगिक बनाने और उसके संवर्धन व विकास हेतु विविध आयामी कार्यक्रमों तथा उपक्रमों को संचालित करने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय भाषा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी की भूमिका को प्रकाशित करने एवं प्रवासी भारतीयों के बीच अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में हिंदी को विकसित करना भी है। संसार के प्रत्येक भू-भाग में रहने वाले भारतवंशी अपनी साझी विरासत की भाषा के रूप में हिंदी के महत्व को स्वीकार करते हुए उसे उपयुक्त एवं प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प हो सकें, केंद्र इस दिशा में भी सार्थक प्रयास हेतु संकल्पबद्ध है।

भारत के लिए हिंदी मात्र एक भाषा न होकर उसकी अस्मिता की पहचान है, जड़ों से जुड़ने की सार्थक कोशिश है। हिंदी भाषा के प्रति देश में अनन्य आकर्षण है। विविध-आयामी संस्थाओं, विद्यालयों, परिषदों, आयोगों, संघों, धार्मिक प्रतिष्ठानों, न्यायालयों, अस्पतालों आदि में हिंदी के नियमित प्रयोग को प्रोत्साहन देना हमारा अभीष्ट है। संपूर्ण देश में हिंदी सिनेमा, गीतों-गजलों व भजनों आदि का हिंदी में प्रयोग-उपयोग इसका प्रमाण है।

हिंदी के प्रचार-प्रसार, विकास व सम्मान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिंदी सेवियों की एक लंबी सूची है, जो संपूर्ण विश्व में हिंदी को समृद्ध करने में लगे हैं। हिंदी को विश्व भाषा बनाने में उन प्रवासी भारतीयों का प्रमुख योगदान है, जो व्यापार अथवा मजदूरी के लिए दूसरे देशों में गये लेकिन जिन्होंने वहाँ अपनी संस्कृति और भाषा को कभी विस्मृत नहीं होने दिया। इसके अतिरिक्त बहुत सारे विदेशी विद्वानों ने भी हिंदी के संवर्धन एवं विकास में अपना बहुमूल्य योग दिया है। अत: इन सभी तथ्यों के आलोक में कार्यक्रमों की योजना बनाना और तदनुसार उसे क्रियान्वित करना केंद्र का लक्ष्य है, जिसे प्राप्त करने हेतु यह निरंतर अग्रसर है।

केंद्र का उद्देश्य

हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र (TLCHS) के उद्देश्‍य निम्‍नलिखित कार्यक्रमों/ योजनाओं का क्रियान्‍वयन करना है-

  • हिंदी शिक्षण के पाठ्यक्रम/ पाठ्यचर्या संरचना/ रूपरेखा के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु पाठ्यक्रम संरचना में प्रतिमानात्‍मक बदलाव के आलोक में मूल्‍यांकन पद्धति के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण में पाठ्यक्रम ढाँचे/ संरचना के विकास के अनुरूप वैकल्पिक शिक्षा वैज्ञानिक अंत:क्षेपों (Pedagogic interventions) को स्‍पष्‍ट करने संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु शिक्षण-अधिगम सामग्री के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के लिए पाठ्य पुस्‍तक/ पुस्तिका के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • क्षेत्रीय/ प्रादेशिक भाषाओं में/ से मूलपाठ के अनुवाद हेतु कार्यक्रम।
  • हिंदी तथा भाषा वैज्ञानिक शिक्षण से संबंधित शोध के प्रोत्‍साहन हेतु संसाधनों, संदर्भ सेवा, इलेक्‍ट्रानिक डाटाबेस के भण्‍डारण तथा ई-सामग्री के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के प्रोत्‍साहन हेतु अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर विश्‍वविद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्‍च शिक्षा केंद्रों का संजाल/ समूह विकसित करने संबंधी बहुआयामी कार्यक्रम।
  • हिंदी में पाठ्य पुस्‍तकों के विकास एवं निर्माण संबंधी कार्यक्रम।
  • सृजनात्‍मक लेखन के लिए पाठ्यक्रम निर्माण व विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी एवं कला, हिंदी एवं हिंदी साहित्‍य, हिंदी एवं भारतीय संस्‍कृति के साथ ही अन्‍य विषयों पर शोध संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी में संदर्भ कोश/ पारिभाषिक कोश/ प्रासंगिक कोश के विकास हेतु कार्यक्रम।