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bullet कुलपति संदेश

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय का कुलपति बनना एक सपने के सच होने जैसा है। मेरा सपना है कि ज्ञानार्जन, उसका प्रचार-प्रसार एवं उसे अन्य लोगों के साथ साझा करने के लिए हिन्दी को एक सशक्त माध्यम बनाने की वैश्विक पहल हो। अपनी सीमा को ध्यान में रखते हुए मैं अपना पूरा प्रयास करूंगा कि व्यापक हिंदी समुदाय की आकांक्षाओं पर खरा उतर सकूँ।

विश्वविद्यालय के लिए पिछला दशक काफी विविधतापूर्ण रहा है। मुझसे पहले के दो पूर्व कुलपतियों श्री अशोक वाजपेयी और प्रो. जी गोपीनाथन ने विश्वविद्यालय को बौध्दिक एवं संरचनात्मक स्वरूप प्रदान किया। विश्वविद्यालय की गतिविधियों में विविधता एवं समग्रता लाने का यही उचित समय है। मेरी निजी मान्यता है कि विश्वविद्यालय ऐसा फोरम होना चाहिए जहाँ विविध विचारों के लिए ज़मीन तैयार हो। इसके अंतर्गत दूसरों के विचारों के लिए सम्मान की भावना हो तथा प्रश्नाकुलता की पर्याप्त संभावनाएँ विद्यमान हों।

संक्षेप में कहें तो विश्वविद्यालय ऐसे क्षेत्र के रूप में विकसित होना चाहिए जहाँ न सिर्फ असहमति के लिए जगह हो बल्कि उसे तरजीह भी दी जाए। मैं कोशिश करूँगा कि यह विश्वविद्यालय एक ऐसे संस्थान के रूप में विकसित हो जहाँ इस महान राष्ट्र की विविधता परिलक्षित हो सके चाहे वह नस्ल के आधार पर हो या भाषा,धर्म,जाति एवं जेंडर के रूप में। यह विश्वविद्यालय हिन्दी को इस रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है जहाँ इस विविधता को संरक्षित किया जा सके तथा उदार, धर्मनिरपेक्ष एवं आधुनिक विश्वदृष्टि वाला हिन्दी राष्ट्र परिलक्षित हो ।

विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को निश्चित करने तथा उन्हें प्राप्त करने हेतु यूजीसी से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू है। अकादमिक एवं विद्यार्थी समुदाय के सहयोग से विश्वविद्यालय के लिए महत्वाकांक्षी परियोजनाएं निर्मित की गई है। नीति निर्माताओं को भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने की आकांक्षाओं एवं संभावनाओं से सहमत कराया जा रहा है जो उन्हें प्रस्तुत किए गए परियोजना प्रस्तावों से अभिव्यक्त हो रही है। मुझे आशा है कि हमारा प्रयास काफी हद तक सफल होगा।

मैं विश्वविद्यालय के तमाम सदस्यों को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद भी अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं आने दी और विश्वविद्यालय के विकास मे सतत लगे हुए हैं। मैं अपनी तथा विश्वविद्यालय परिवार के हर एक सदस्य की ओर से हिन्दी समुदाय को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि उनकी आकांक्षाओं पर खरे उतरने का अपना पूरा प्रयास करेंगे।

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